जब दो अनजाने, अनजानी राहों पर टकराते हैं, तो या तो प्यार होता है, या दोस्ती होती है या दुश्मनी! लेकिन जब दो प्यार करने वाले अनजानों की तरह टकराते हैं, तो एक नई कहानी शुरू होती है. 'दिल्लीवाली 2' की शुरुआत कुछ ऐसे ही हुई, जब सुमेधा और आनंद अचानक एक दिन दिल्ली में टकराए, और ये मुलाक़ात प्यार की नई शुरुआत ना बनकर, तकरार की नई शुरुआत बन गई. सुमेधा, आनंद का वो अहसान चुकाना चाहती है, जो आनंद ने दमोह में उसकी मदद कर के किया था और आनंद, सुमेधा से जल्द से जल्द फिर से दूर जाना चाहता है. आख़िर प्यार में डूबे ये दो दिल अलग क्यों हुए? आख़िर बात शादी तक क्यों नही पहुँची? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए सुनिए 'दिल्लीवाली 2'.