सरल भाषा, मनमोहक चित्र, मधुर संगीत और मज़ेदार ध्वनि-प्रभावों के साथ प्रस्तुत यह कालजयी परीकथा "थम्बेलिना" बच्चों को जादुई कल्पनाओं की दुनिया में ले जाती है। एक दयालु और गरीब किसान स्त्री अपनी आख़िरी रोटी एक भिखारी को दे देती है। बदले में उसे मक्के का एक बीज मिलता है। अगली सुबह उस बीज से एक सुंदर फूल खिलता है, जिसकी पंखुड़ियों के बीच एक नन्ही-सी सुंदर लड़की बैठी होती है। किसान स्त्री उसका नाम थम्बेलिना रखती है। लेकिन एक दिन एक बदसूरत बूढ़ा मेंढक उसे अपने बेटे की दुल्हन बनाने के लिए उठा ले जाता है। क्या थम्बेलिना इस मुसीबत से निकल पाएगी और अपनी खुशियों तक पहुँच सकेगी? रोमांच, साहस और आशा से भरपूर इस मनमोहक कहानी का सुखद अंत बच्चों को पढ़ने का आनंद लेने और अच्छी कहानियों से जीवनभर प्रेम करने के लिए प्रेरित करता है।